मसूरी गोलीकांड की 32वीं बरसी पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने देहरादून स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए उनके सपनों और राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड को सशक्त एवं समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि 2 सितंबर 1994 का दिन उत्तराखंड के इतिहास में मसूरी गोलीकांड के रूप में दर्ज है। खटीमा गोलीकांड के विरोध में मसूरी में राज्य आंदोलनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस की गोलीबारी में कई आंदोलनकारी शहीद हुए। गोलीकांड में बेलमती चौहान, हंसा धनाई, बलबीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, मदन मोहन ममगाईं और राय सिंह बंगारी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। आंदोलनकारियों को बचाने के प्रयास में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक उमाकांत त्रिपाठी भी शहीद हो गए थे।
उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल स्मरण करने का विषय नहीं, बल्कि यह हमें उस संघर्ष की याद दिलाता है जिसकी बदौलत आज उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में है। उन्होंने कहा कि राज्य की नींव आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान से मजबूत हुई है। शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
खजान दास ने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें एकजुट रहने तथा राज्य के विकास, संस्कृति, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की भावना के अनुरूप उत्तराखंड को विकास और समृद्धि के पथ पर आगे ले जाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा को भी याद किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
Reported By: Arun Sharma












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