ऋषिकेश: आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ प्रथम समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं का खाका खींचते हुए अधिकारियों को सख्त समय-सीमा निर्धारित की गई।
उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में बना मास्टर प्लान
इस महत्वपूर्ण बैठक में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी बड़े चेहरे शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से:
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप समेत यात्रा मार्ग के सभी जनपदों के जिलाधिकारी, SSP और SP मौजूद रहे।
PWD, वन विभाग, परिवहन निगम, विद्युत, सिंचाई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
NHAI और BRO के अधिकारियों ने सड़क सुधार एवं चौड़ीकरण के कार्यों पर अपडेट दिया।
‘सड़क, स्वास्थ्य और सुविधाओं’ पर विशेष जोर
गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक के मुख्य बिंदु रहे:
डेडलाइन: कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यात्रा से जुड़े सभी निर्माण और सुधार कार्य 15 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं।
बुनियादी सुविधाएं: बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था को यात्रा शुरू होने से पहले दुरुस्त करने के निर्देश।
स्वास्थ्य सेवाएं: यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट और एम्बुलेंस की तैनाती पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
सुगम यातायात: NHAI और BRO को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्गों पर डेंजर जोन का उपचार समय से कर लिया जाए।
“श्रद्धालुओं के लिए यादगार होगी यात्रा 2026”
समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि सरकार का लक्ष्य इस बार रिकॉर्ड संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना है।
“हमने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। 15 मार्च तक सड़कों के गड्ढे भरने, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी पूरी हो जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि 2026 की चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सबसे अधिक सुरक्षित और सुखद साबित हो।” – विनय शंकर पांडे, गढ़वाल कमिश्नर
ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, जो यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है, वहां भी यात्रियों के पंजीकरण और ठहरने की सुविधाओं को अपग्रेड करने पर चर्चा हुई।
Reported By: Rajesh Kumar













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