मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के 79वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि बीआईएस ने गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में देश को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में शुरू हुई यह संस्था आज भारत की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानकीकरण अब केवल उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुका है। बीआईएस द्वारा डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में तय किए जा रहे मानक भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को सफल बनाने में बीआईएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार भी हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, जड़ी-बूटियों और स्थानीय खाद्य उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता मानक तय कर रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति 2025 लागू की गई है। 13 जिलों के 95 ब्लॉकों में स्टेम लैब, लैब-ऑन-व्हील्स, पेटेंट सूचना केंद्र और साइंस सिटी जैसी परियोजनाएं राज्य को वैज्ञानिक दृष्टि से सशक्त बना रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बीआईएस “वन नेशन, वन स्टैंडर्ड” के लक्ष्य के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम योगदान देगा।
Reported By: Rajesh Kumar












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