वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून वैभव कुमार सिंह के निर्देशन में वन विभाग की ओर से नालंदा शिक्षण संस्थान, खदरी श्यामपुर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश गंभीर सिंह धमांदा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण पर आधारित तत्क्षण भाषण, निबंध और चित्रांकन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उदय नन्द गौड़ ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि वन्यजीव गलियारों पर पहला अधिकार वन्यजीवों का है। यदि कोई आवागमन मार्ग वन्यजीव गलियारे से होकर गुजरता है, तो लोगों को वन्यजीवों की आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पहले जाने देना चाहिए।
डॉ. गौड़ ने कहा कि छोटे-छोटे वनों को आपस में जोड़ने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की आवश्यकता है, ताकि वन्यजीवों को पर्याप्त प्राकृतिक आवास मिल सके और उनके विचरण के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे।
संतुलित विकास से कम होगा मानव-वन्यजीव संघर्ष
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला गंगा संरक्षण समिति देहरादून के सदस्य एवं अंतरराष्ट्रीय क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित पर्यावरणविद् विनोद प्रसाद जुगलान ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए संतुलित विकास अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का नैतिक दायित्व है कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाएं और समाज को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण आवश्यक है।
विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उदय नन्द गौड़ और वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश गंभीर सिंह धमांदा ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति निरंतर जागरूकता फैलाने और वन्यजीव संरक्षण में विशेष भूमिका निभाने के लिए पर्यावरणविद् विनोद प्रसाद जुगलान को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
चित्रकला प्रतियोगिता में आरुषि पैन्यूली ने प्रथम, हरप्रीत कौर ने द्वितीय और खुशी कैथल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंशिका चौहान को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
निबंध प्रतियोगिता में तपस्या ने प्रथम, अंशिका भंडारी ने द्वितीय और कमल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि स्वाति पयाल को सांत्वना पुरस्कार मिला।
वहीं तत्क्षण भाषण प्रतियोगिता में सानिया एवं मीरा भंडारी ने प्रथम, कमल वर्मा ने द्वितीय और अर्चिता भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यार्थियों को दिलाई वन्यजीव संरक्षण की शपथ
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक वीरेन्द्र रयाल ने किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं को वन्यजीव संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
Reported By: Praveen Bhardwaj











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