नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है और ऐसे में अब अभिभावक भी बच्चों की किताबों की खरीद कर रहे हैं। वहीं कुछ निजी स्कूल इसमें भी मुनाफा कमाने को सोच के चलते किसी खास स्टोर से किताबों की खरीद का दबाव भी अभिभावकों पर बनाने लगे हैं। हालांकि दून इंटरनेशनल स्कूल ने इसको लेकर अपनी स्पष्ट नीति रखी है। स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. दिनेश बर्तवाल ने स्कूल प्रबंधन को लेकर कहा है कि विद्यालय प्रशासन और प्रबंधन ऐसी किसी भी बाध्यता से पूरी तरह अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन स्कूल का रिजल्ट (PTM) घोषित हुआ था, उसी दिन सूचना पट्ट (Notice Board) पर कक्षावार पुस्तकों की सूची चस्पा कर दी गई थी। जिसके जरिए अभिभावकों को यह साफ संदेश दिया गया है कि वे अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार कहीं से भी पुस्तकें खरीद सकते हैं।
प्रिंसिपल ने अभिभावकों की सहूलियत को देखते हुए यहां तक कहा कि यदि किसी अभिभावक के पास पूर्व के छात्रों की पुस्तकें उपलब्ध हैं, तो वे उनका उपयोग भी कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय अब व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी पुस्तक सूची उपलब्ध करा रहा है जिससे पारदर्शिता बनी रहे। डॉ. बर्थवाल ने विश्वास जताया कि अभिभावक इस स्वायत्तता का लाभ जरूर उठाएंगे। उन्होंने स्कूल के नियमों को लेकर स्पष्ट मंशा जाहिर करते हुए कहा कि स्कूल का हमेशा से प्रयास रहा है कि अभिभावकों पर आर्थिक या अन्य कोई दबाव न बनाया जाए, क्योंकि विद्यालय शिक्षा के केंद्र हैं और छात्रों का भविष्य बनाना ही उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।
डॉ दिनेश बर्थवाल, प्रिंसिपल दून इंटरनेशनल स्कूल
Reported By: Praveen Bhardwaj













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