रामनगर में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में तैयार खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। जिन फसलों से किसानों को बेहतर आमदनी की उम्मीद थी, वही अब उनकी चिंता का कारण बन गई हैं। कई किसान आर्थिक रूप से टूट चुके हैं और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
किसानों की इस समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी फसल बर्बाद होने का मतलब पूरे परिवार का संकट में आ जाना है। उन्होंने सरकार से अपील की कि नुकसान का जल्द आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से भी इस मामले को गंभीरता से लेने और तत्काल सर्वे कराकर राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि किसान इस कठिन दौर से उबर सकें।
इस मौके पर नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष देशबंधु रावत, भुवन पाण्डेय, ममता आर्या, दीप्ति भारद्वाज, गिरधारी लाल सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और संकट में घिरे किसानों को कब तक राहत मिल पाती है।
रणजीत सिंह रावत,कांग्रेस पूर्व विधायक
Reported By: Praveen Bhardwaj













Discussion about this post