उत्तराखण्ड पुलिस के साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ श्री निलेश आनन्द भरणे (भा.पु.से.) के निकट पर्यवेक्षण में वरिष्ठ नागरिक से हुई साइबर ठगी के मामले में एसटीएफ ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री नवनीत सिंह (भा.पु.से.) ने बताया कि 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को अज्ञात साइबर ठगों ने स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया और लगभग 68 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 66/2025, धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66(D) आईटी एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई। तकनीकी विश्लेषण के दौरान धोखाधड़ी की धनराशि से जुड़े AU स्मॉल फाइनेंस बैंक खाते का पता चला, जिसके आधार पर राजस्थान के बाड़मेर जिले से अभियुक्त भभूताराम (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन व सिम कार्ड बरामद हुआ है।
एसएसपी एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल या खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी अधिकारी बताने वालों की बातों में न आएं। कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Reported By: Shiv Narayan












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