देहरादून: राजधानी के पटेल नगर स्थित एस.जी.आर.आर. (SGRR) पब्लिक स्कूल में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), देहरादून के तत्वावधान में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के लगभग 600 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जीवन रक्षा के गुर सीखे।
NDRF और DDMA के विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग
कार्यक्रम के दौरान NDRF के अधिकारियों और DDMA के मास्टर ट्रेनर्स ने विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाएं: भूकंप, बाढ़, भूस्खलन के साथ-साथ युद्ध और आतंकवाद जैसी स्थितियों में सुरक्षा के उपाय।
आधुनिक तकनीक का ज्ञान: आपदा के समय भूदेव ऐप (Bhudev App) का उपयोग, सेटेलाइट फोन का संचालन और आपातकालीन नंबरों की जानकारी।
फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार): किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने से पहले दी जाने वाली प्राथमिक सहायता।
उपकरणों का प्रदर्शन: आपदा प्रबंधन में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के बारे में विस्तार से बताया गया।
“जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार”
विद्यालय की प्रधानाचार्या कविता सिंह ने जिला प्रशासन और DDMA का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों में आत्मरक्षा की क्षमता विकसित करने के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए ताकि बच्चे किसी भी आपात स्थिति के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहें।
“इस प्रशिक्षण के माध्यम से हमारे छात्रों और शिक्षकों को न केवल आपदाओं की सैद्धांतिक जानकारी मिली, बल्कि धरातल पर बचाव कार्य करने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।” – कविता सिंह, प्रधानाचार्या
इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को आपदाओं के प्रति संवेदनशील और कुशल बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
Reported By: Shiv Narayan














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