
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से लंबित भूमि विवादों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, अब प्रदेश भर में जमीनी मसलों के निस्तारण के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य राजस्व अदालतों और तहसील स्तर पर चल रहे विवादों को समयबद्ध तरीके से समाप्त करना है।
भाजपा ने किया फैसले का स्वागत
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि जमीन से जुड़े मामले कई बार अत्यंत गंभीर रूप ले लेते हैं, जिससे समाज में अप्रिय घटनाएं और विवाद बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आम जनता को बड़ी राहत देगा।
अभियान की मुख्य बातें:
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समयबद्ध समाधान: जिला, तहसील और राजस्व न्यायालय स्तर पर लंबित सभी मामलों को एक महीने की समय सीमा के भीतर हल करने का लक्ष्य।
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अधिकारियों की जवाबदेही: अभियान के दौरान कार्यों की निरंतर समीक्षा की जाएगी।
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कठोर कार्रवाई की चेतावनी: यदि किसी भी स्तर पर अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती गई या फाइलों को अनावश्यक रोका गया, तो उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनता को मिलेगी राहत
प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि अक्सर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीनी विवादों के कारण विकास कार्य रुक जाते हैं और लोगों को अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस विशेष अभियान से न केवल राजस्व प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।
मुख्यमंत्री का यह फैसला शासन-प्रशासन को अधिक उत्तरदायी बनाने और ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ के मंत्र को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Reported By: Rajesh Kumar













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