
वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड की पहली मासिक अंतर-विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक शनिवार को सहसपुर स्थित क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र में आयोजित की गई। बैठक में वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत राज्य में कार्यरत विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया।
सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हाइब्रिड मोड में आयोजित बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागीय इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यात्मक सहयोग स्थापित करना तथा क्षेत्रीय स्तर पर संचालित गतिविधियों की समीक्षा करना था।
बैठक में केंद्रीय रेशम बोर्ड की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष रूप से प्रतिभाग किया। इनमें क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, सहसपुर के प्रभारी वैज्ञानिक-डी डॉ. पवन सैनी, पी-3 मूल बीज फार्म के प्रभारी डॉ. विक्रम कुमार, पी-2 मूल बीज फार्म के प्रभारी अभिषेक सिंह, रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रशांत जे. और रेशम परीक्षण एवं सेवा केंद्र के प्रभारी राहुल पाल शामिल रहे। इसके अलावा डॉ. अरसाकुमार ई., डॉ. साक्षी वैष्णव और हस्तशिल्प विभाग के सहायक निदेशक गोपेश कुमार मौर्य ने भी सहभागिता की।
ऑनलाइन माध्यम से क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, भीमताल के प्रभारी डॉ. ए.एस. वर्मा और डॉ. दिव्या सिंह, हथकरघा निदेशालय दिल्ली के निदेशक एवं डब्ल्यूएसई चमोली के प्रभारी तपन शर्मा, हस्तशिल्प विभाग अल्मोड़ा के सहायक निदेशक संतोष आनंद और चमोली के तकनीकी अधिकारी सुभाष पाल बैठक से जुड़े।
बैठक के दौरान विभिन्न कार्यालयों और इकाइयों की ओर से संचालित गतिविधियों एवं कार्यों की प्रगति पर प्रस्तुतियां दी गईं। अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र की उपलब्धियों, गतिविधियों और कार्यप्रणाली की जानकारी साझा की। साथ ही मासिक अंतर-विभागीय समन्वय बैठकों के प्रभावी संचालन के लिए प्रस्तावित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान नियमित बैठक आयोजित करने, विभागीय समन्वय बढ़ाने और निर्धारित एसओपी के अनुरूप कार्यों के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नियमित संवाद और आपसी सहयोग से विभिन्न इकाइयों के अनुभवों एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
बैठक में उम्मीद जताई गई कि इस तरह की मासिक समीक्षा से वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत उत्तराखंड में कार्यरत विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों के बीच तालमेल मजबूत होगा। साथ ही क्षेत्रीय गतिविधियों की नियमित समीक्षा और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयासों को गति मिलेगी।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post