देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी में हथियारों का शौक रखने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए जनपद के 827 शस्त्र लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय, भारत सरकार के नए नियमों के उल्लंघन और पोर्टल पर अनिवार्य जानकारी अपडेट न करने के कारण की गई है।
क्यों हुई यह बड़ी कार्रवाई?
केंद्र सरकार द्वारा आयुध (संशोधन) नियम-2019 के तहत शस्त्र अधिनियम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे। इस संशोधन के बाद:
अब एक व्यक्ति अपने पास अधिकतम 3 के बजाय केवल 2 शस्त्र ही रख सकता है।
इसके साथ ही, सभी शस्त्रधारकों के लिए NDAL-ALIS पोर्टल पर यूआईएन (UIN) जनरेट कराना अनिवार्य किया गया था।
शासन के निर्देश थे कि निर्धारित सीमा से अधिक शस्त्र रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
नोटिस के बाद भी नहीं चेते लाइसेंस धारक
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, देहरादून जनपद में ऐसे कई मामले सामने आए जहां लोगों के पास 2 से अधिक हथियार थे।
26 अप्रैल 2025 को प्रशासन ने इन सभी शस्त्रधारकों को अतिरिक्त हथियार हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे।
नोटिस के बावजूद 54 शस्त्र लाइसेंस धारकों ने न तो कोई जवाब दिया और न ही अपने अतिरिक्त हथियार जमा कराए।
जांच में पाया गया कि पोर्टल पर अभी भी इन लोगों के नाम पर 2 से अधिक शस्त्र दर्ज हैं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई के माध्यम से जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शस्त्र नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पोर्टल पर जानकारी छिपाने या निर्धारित संख्या से अधिक हथियार रखने वालों पर आने वाले दिनों में और भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
इस हंटर के बाद अब उन शस्त्रधारकों में हड़कंप मचा है जिन्होंने अभी तक अपने हथियारों का ब्यौरा सरकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं कराया है।










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