
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में अधिवक्ता एवं कानूनराज के संस्थापक पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड में लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को जारी एक वीडियो में गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्य के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का आरोप लगाया था। इस मामले को गंभीर बताते हुए पंकज सिंह क्षेत्री ने संबंधित जांच एजेंसी से तथ्यों की पड़ताल कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच की मांग
पंकज सिंह क्षेत्री ने शिकायत में संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों, आय के ज्ञात एवं वैध स्रोतों, निवेश, बैंक खातों, एफडी, शेयरों, कंपनियों और अन्य वित्तीय हितों से जुड़े अभिलेखों की नियमानुसार जांच करने की मांग की है।
उन्होंने यह भी पता लगाने का अनुरोध किया है कि संबंधित संपत्तियां वैध आय के स्रोतों से अर्जित की गई हैं या नहीं और उनके संबंध में आवश्यक वैधानिक घोषणाएं एवं विवरण प्रस्तुत किए गए हैं या नहीं।
साक्ष्य मिलने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग
शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यदि जांच में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अपराध के पर्याप्त आधार सामने आते हैं, तो नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने जांच ऐसे सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की है, जिस पर अनुचित दबाव या पक्षपात की आशंका न हो। साथ ही, संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने और उपलब्ध साक्ष्यों व लागू कानून के आधार पर निष्कर्ष निकालने पर जोर दिया है।
‘निष्पक्ष जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति’
पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि इस मामले का उद्देश्य किसी की राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं, तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति से संबंधित आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्थापित हो सकती है। शिकायत दर्ज कराने का तथ्य अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता।
Reported By: Arun Sharma













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