जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने स्वास्थ्य सचिव श्री सचिन कुर्वे से मुलाकात कर प्रदेश के कार्मिकों/पेंशनर्स को गोल्डन कार्ड के जरिए कैशलेस इलाज दिलाने की मांग की, जिस पर श्री कुर्वे ने बहुत जल्द कर्मचारियों को निजात दिलाने हेतु कैबिनेट में प्रस्ताव लाये जाने की बात कही, जिसमें सिर्फ वन टाइम कटौती होगी | नेगी ने कहा कि प्रदेश के कार्मिकों एवं पेंशनर्स को गोल्डन कार्ड की विसंगतियां एवं अन्य लापरवाही के चलते अधिकांश सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिस कारण कार्मिक,खास तौर पर पेंशनर्स व निगमों के कर्मचारी (जिनको पेंशन नहीं मिलती) इलाज कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं |
कई पेंशनर संसाधन ही नहीं जुटा पाते उनको सिर्फ ऊपर वाले के रहमों करम पर निर्भर रहना पड़ता है |कई पेंशनर्स तो रिश्तेदारों व दोस्तों से उधारी व ब्याज पर कर्ज लेकर इलाज करा रहे हैं, जोकि बहुत ही चिंताजनक है| नेगी ने कहा कि छोटी-मोटी बीमारी का करने का इलाज कराने के लिए कर्मचारी साधन जुटा लेता है, लेकिन हृदय संबंधी व अन्य जटिल/ आपात स्थिति में समुचित संसाधन- पैसा न होने के कारण कई बार कार्मिकों की जान पर बनती है, जिसको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता |
Reported By: Arun Sharma













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