उत्तराखंड की महिलाओं के लिए रक्षाबंधन के अवसर पर राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन पर महिलाओं को अब एक दिन के बजाय दो दिन तक रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य पर्व के दौरान महिलाओं के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को अपने मायके और परिजनों के पास आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने मुफ्त बस सेवा की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेशभर की बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रोडवेज कर्मचारी परिषद ने उठाई थी मांग
इससे पहले रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा शुरू करने की मांग की थी। परिषद ने दिल्ली, तेलंगाना और तमिलनाडु की तर्ज पर उत्तराखंड में भी महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा देने का सुझाव दिया था।
परिषद की मांग और शासन की ओर से मांगे गए फीडबैक के बाद इस दिशा में तैयारियां तेज की गईं। अब रक्षाबंधन पर दो दिन तक महिलाओं को निःशुल्क बस सेवा देने की घोषणा की गई है।
रोजाना करीब 50 हजार महिला यात्री
वर्तमान में उत्तराखंड रोडवेज वित्तीय चुनौतियों से गुजर रहा है और निगम पर देनदारियां भी हैं। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की पहल से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ ही रोडवेज की यात्री संख्या में भी इजाफा होगा।
प्रदेश में रोजाना करीब 900 रोडवेज बसों का संचालन होता है। इनमें सफर करने वाले यात्रियों में लगभग 50 हजार महिलाएं और छात्राएं शामिल हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने परिजनों के साथ यात्रा करती हैं, ऐसे में रक्षाबंधन पर मुफ्त बस सेवा से यात्री संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
सरकार के इस फैसले से रक्षाबंधन पर महिलाओं के आवागमन को आसान बनाने के साथ ही उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। फैसले को लेकर प्रदेश की महिलाओं में उत्साह का माहौल है।
पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड
Reported By: Praveen Bhardwaj











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