आगामी चारधाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम से जुड़े प्रमुख मार्गों, पड़ावों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पैदल मार्ग, सड़क सुरक्षा, यात्री सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, आवासीय व्यवस्थाएं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया तथा सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एनएच, लोनिवि, जल संस्थान और विद्युत विभाग को यात्रा रूट पर निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और घोड़े-खच्चरों के लिए पड़ावों पर गर्म पानी व स्वच्छता की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल राहत पोस्ट, एंबुलेंस, दवाइयों और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने स्यानाचट्टी, रानाचट्टी, हनुमानचट्टी, जानकीचट्टी और मंदिर परिसर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पालीगाड़ बाजार में जलभराव समस्या के समाधान, औजरी पुल के वैकल्पिक मार्ग, भूस्खलन उपचार कार्यों में तेजी और रानाचट्टी में यूटिलिटी शिफ्टिंग शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। हलना–कुथनौर मार्ग पर रिटेनिंग वॉल निर्माण तत्काल शुरू करने को भी कहा गया।
जानकीचट्टी में अधिकारियों व हितधारकों के साथ बैठक कर शौचालय, साफ-सफाई, साइनेज, सौंदर्यकरण, हेलीपैड मार्ग और प्लास्टिक कचरा रोकथाम के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्यानाचट्टी का भी दौरा किया गया, जहां बच्चों के आवागमन मार्ग के निर्माण और स्कूल में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
Reported By: Gopal Nautiyal












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