जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिले में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत सभी प्रभागीय वनाधिकारी और उपनिदेशक गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क, गोविन्द पशु विहार को सतर्कता एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से वन सम्पदा के साथ वन्यजीव एवं जन-धन की हानि होती है,अतः इसकी रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
🟢 वनाग्नि की रोकथाम हेतु आमजनमास को इस सबध में जागरूक करने हेतु ग्राम स्तर पर गोष्ठी आदि का आयोजन किए जाए।
🟢 वन सरपंचो को वनाग्नि की रोकथाम हेतु अपने स्तर से आवशयक कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया जाए।
🟢 वनाग्नि रोकथाम हेतु आवशयकतानुसार फायरलाईन का निर्माण करवाये जाये।
🟢 वन विभाग के सभी क्रू स्टेशनों को सक्रिय कर वॉर्चर्स के माध्यम से निगरानी बढ़ायी जाय।
🟢 यदि कोई व्यक्ति जंगलों में आग लगाते हुये पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में आवशयक कार्यवाही अमल में लायी जाये।
🟢 उक्त के अतिरिक्त वनाग्नि रोकथाम हेतु विभागीय कार्य योजनानुसार कार्यवाही अमल में लायी जाय।
जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे वन क्षेत्रों मे ज्वलनशील पदार्थ,जलती बीड़ी/सिगरेट न फेंकें तथा किसी भी प्रकार की वनाग्नि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।
Reported By: Gopal Nautiyal












Discussion about this post