जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को विकासखंड मोरी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल भी मौजूद रहे। मानसून सीजन में भूस्खलन और भू-धसाव से कई आंतरिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। डीएम ने अधिकारियों को अवरुद्ध मार्गों को युद्ध स्तर पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बद्रासु गांव में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर पेयजल और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के आदेश दिए। खतरे की जद में आए मकानों के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने तथा ब्लॉक मुख्यालय के पास नाली और पैदल मार्ग सुधारने को कहा। सुनकुंडी गांव में हैलीपैड व व्यू प्वाइंट के पास भू-धसाव से प्रभावित भवनों और खेतों की सुरक्षा के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
डीएम ने जखोल-फिताड़ी-लिवाड़ी मार्ग और मोटर पुल से बैंचा तक क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए। साथ ही जखोल-लिवाड़ी मार्ग को तत्काल सुचारू करने का आदेश वैपकोस को दिया।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए डीएम ने शिक्षकों की तैनाती, कंप्यूटर उपलब्ध कराने और जर्जर विद्यालय भवन के निर्माण पर आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने बागवानी भूमि में भू-कटाव रोकने और ट्रैक मार्गों के पुनर्निर्माण की मांग उठाई।
विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि आपदा प्रभावित परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मोरी-नैटवाड़-शांकरी सड़क के लिए धन स्वीकृत हो चुका है और कार्य शीघ्र शुरू होगा। साथ ही कई गांवों में भू-वैज्ञानिक सर्वे कराया जाएगा ताकि स्थायी सुरक्षा कार्य किए जा सकें।
Reported By: Gopal Nautiyal












Discussion about this post