उत्तराखंड में बीते कुछ सालों में यहां भी मौसम के बदलते मिजाज का असर साफ देखा जा सकता है. कुछ सालों पहले तक प्रदेश में दिसंबर और जनवरी महीने में सबसे अधिक बर्फबारी हुआ करती थी. लेकिन इस बार न तो बारिश हुईं और न ही बर्फ़बारी…
जलवायु में हो रहे इस परिवर्तन को लेकर देश के जाने माने पर्यावरणविद और पदम् भूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने गहरी चिंता व्यक्त की है.डॉ जोशी नें कहा कि ग्लेशियर्स ही नहीं रहेंगे तो भविष्य में नदियां भी नहीं रहेंगी और नदियां ही नहीं रहेंगी तो धरती पर जीवन अपने आप ही समाप्त होने लगेगा.
डॉ अनिल प्रकाश जोशी पर्यावरणविद्
Reported By: Praveen Bhardwaj












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