उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) में अंदरूनी विवाद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी से आशुतोष नेगी के निष्कासन के बाद सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक ओर आशुतोष नेगी लगातार खुद को यूकेडी से जुड़ा हुआ बता रहे हैं, वहीं पार्टी नेतृत्व ने गुटबाजी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
आशुतोष नेगी के निष्कासन के बाद सोशल मीडिया पर उनके और पार्टी के बीच बयानबाजी तेज हुई है। नेगी का दावा है कि वह अभी भी यूकेडी में शामिल हैं। उनके इन दावों के बाद पार्टी के भीतर स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं, यूकेडी के महामंत्री देवचंद उत्तराखंडी ने पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया है। उनका कहना है कि आशुतोष नेगी की ओर से लगाए जा रहे आरोप फिलहाल सोशल मीडिया तक ही सीमित हैं और धरातल पर इसका कोई असर नहीं है।
देवचंद उत्तराखंडी के मुताबिक, यूकेडी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। पार्टी का फोकस संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने पर है।
दरअसल, 2027 के विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और ऐसे में क्षेत्रीय दल यूकेडी के भीतर सामने आया यह विवाद राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि विवाद का संगठन की चुनावी तैयारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
फिलहाल आशुतोष नेगी के दावों और यूकेडी नेतृत्व के बयानों के बीच सोशल मीडिया पर बहस जारी है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से सामने आने वाले बयानों से तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
देवचंद उत्तराखंडी, केंद्रीय महामंत्री यूकेडी
Reported By: Shiv Narayan












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