
प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर पंचायतीराज विभाग की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पंचायतों को सशक्त बनाने, पंचायत भवनों के निर्माण एवं मरम्मत, कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने और विभागीय नियमावलियों को तैयार करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में उन्होंने मरम्मत की आवश्यकता वाले पंचायत भवनों के साथ-साथ नए पंचायत भवनों के निर्माण के लिए तत्काल उपलब्ध धनराशि आवंटित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि पंचायत स्तर पर आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने के लिए बनेगा प्रस्ताव
मंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपनल के माध्यम से प्रदेश के ब्लॉकों में तैनात कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने के लिए आगामी छठे राज्य वित्त आयोग के अनुदान में कंटीजेंसी की व्यवस्था की जानी आवश्यक है। उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग में कंटीजेंसी की व्यवस्था बंद हो गई है, जिससे इस विषय पर आगे की कार्यवाही जरूरी है।
पंचायतीराज एक्ट की नियमावलियां बनाने के निर्देश
मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतीराज एक्ट-2016 को लागू हुए 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इसके अंतर्गत तैयार की जाने वाली विभिन्न नियमावलियां अब तक नहीं बन पाई हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन नियमावलियों को तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
बैठक में न्यायालयों से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और पंचायतीराज विभाग के प्रशासनिक ढांचे का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने विभागीय कार्यों में तेजी लाने और पंचायतों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक
Reported By: Shiv Narayan













Discussion about this post