1840 में पौड़ी जिले के गठन से लेकर 1997 में रुद्रप्रयाग जिले के अस्तित्व में आने तक की पूरी कहानी… फिर निशंक जी की 4 जिलों की घोषणा, और 2022 में मुख्यमंत्री धामी जी द्वारा जिला पुनर्गठन के लिए गठित आयोग तक का सफ़र।
चार बड़े जिले—पौड़ी, देहरादून, अल्मोड़ा और नैनीताल—अंग्रेज़ों द्वारा बनाए गए थे। टिहरी जिला राजशाही के अंत के बाद लगभग उसी भौगोलिक आकार में भारत में सम्मिलित हुआ। इसके बाद अविभाजित उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ द्वारा कुल 8 नए जिले बनाए गए।
उत्तराखंड राज्य में पिछले 25 वर्षों से कांग्रेस, भाजपा, उक्रांद, बसपा, पीडीएफ, एनसीपी और निर्दलीय—सभी किसी न किसी समय सत्ता में रहे। कांग्रेस और भाजपा तो बारी-बारी से लंबे समय तक शासन में रहीं, लेकिन इसके बावजूद एक भी नया जिला नहीं बन पाया।
आज जब उत्तराखंड की जनसंख्या दोगुनी हो चुकी है, तब जिला प्रशासनिक पुनर्गठन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक दिखाई देती है।
आपके लिए यह एक शोध-आधारित वीडियो तैयार किया गया है।
उम्मीद है आपको यह पसंद आएगा।
Reported By: Arun Sharma














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