बिंदुखत्ता (लालकुआं, नैनीताल) के शास्त्री नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ कथित शराब तस्करी के आरोप में और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उस व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे आश्चर्य में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, लालकुआं, हल्दूचौड़ और बिंदुखत्ता क्षेत्र में लगातार अवैध शराब, स्मैक चरस की लगातार होम डिलीवरी चल रही हैं, जिसकी स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से शिकायत भी कर रहे है, परंतु पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग निष्क्रिय बना हुआ हैं, अवैध शराबखोरी से परेशान कुछ महिलाओं ने बिंदुखत्ता में एक एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर जब उसकी स्कूटी की तलाशी ली तो उक्त व्यक्ति की स्कूटी में दर्जनों पाउच कच्ची शराब की मिली, महिलाओं का यह भी आरोप था कि उक्त व्यक्ति लगातार क्षेत्र में शराब तस्करी कर रहा है।
इस दौरान घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। इसके कुछ दिन बाद उक्त व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, इसके बाद उक्त व्यक्ति के परिवार का आरोप है कि वीडियो के तेजी से वायरल होने और उससे उत्पन्न सामाजिक अपमान व मानसिक दबाव के कारण आहत होकर उस व्यक्ति ने जहर खाकर अपनी जान दे दी।
इस दुखद प्रकरण के बाद क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध नशा कारोबार और पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी तीखी बहस छिड़ गई है। लालकुआं विधानसभा में अवैध नशे के विरुद्ध लंबे समय से आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने आरोप लगाया है कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र, विशेषकर बिंदुखत्ता, हल्दुचौड़, लालकुआं और आसपास के इलाकों में पिछले दो-तीन वर्षों से अवैध कच्ची शराब के साथ-साथ स्मैक, चरस तथा यहां अंग्रेजी और देसी शराब की होम डिलीवरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो लगातार विस्तार ले रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार पुलिस अधिकारियों व आबकारी विभाग व प्रशाशन को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अब स्थिति यह हो गई है कि क्षेत्र में न केवल शराब बल्कि स्मैक और चरस जैसे नशीले पदार्थों की भी खुलेआम “होम डिलीवरी” तक की जा रही है, जिससे आम जनता त्रस्त है और युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है।
पीयूष जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि लालकुआं कोतवाली, बिंदुखत्ता पुलिस चौकी और हल्दुचौड़ पुलिस चौकी में वाहन चालक समेत कई पुलिसकर्मी व आबकारी विभाग के लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिनके स्थानांतरण की मांग लगातार उठाई जाती रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन व आबकारी विभाग द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उनके अनुसार, एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनाती से स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी कमजोर पड़ती है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका बढ़ जाती है।
उन्होंने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व आबकारी आयुक्त से मांग की है कि लालकुआं में लगातार बढ़ रही अवैध मादक पदार्थ की होम डिलीवरी के मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों व आबकारी विभाग के कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और स्मैक, चरस व शराब की होम डिलीवरी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे SSP कार्यालय व आबकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
पीयूष ने स्पष्ट कहा कि वह क्षेत्र में चल रहे इस अवैध शराब स्मैक व अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को अब बर्दाश्त नहीं करेंगे अगर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं की तो यह माना जाएगा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व आबकारी आयुक्त भी उक्त प्रकरण में सम्मिलित हैं वह इसके बाद अगला आमरण अनशन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय हल्द्वानी के बाहर किया जाएगा, उन्होंने उम्मीद जताई कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व आबकारी आयुक्त मामले का संज्ञान लेंगे अन्यथा लोकतंत्र की मर्यादाओं के तहत वह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के बाहर अनशन करने पर बाध्य होंगे।
Reported By: Arun sharma












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