नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय ने धर्म छिपाकर दीक्षा से शादी कर उसकी हत्या करने के मामले में ऋषभ उर्फ ‘इमरान’ को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय द्वारा उत्तराखण्ड अपराध से पीडित सहायता योजना -2013 के जहत भी मृतका की माता को आर्थिक सहायता धनराशि देने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को आदेशित किया है ।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त की तरफ से बचाव में दो गवाह पेश किये गए। इसमें, एक काजी जिसने निकाह नामे को साबित करने की कोशिश की, लेकिन सरकारी अधिवक्ताओं ने उसे फर्जी साबित कर दिया। जबकि शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा की तरफ से 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन ने केन्द्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला चण्डीगढ़ के डॉक्टरों को भेजे, घटनास्थल से एकत्र किए गए साक्ष्य न्यायालय में पेश कर कहा है कि अभियुक्त ने दीक्षा से अपना धर्म और असली नाम छुपाया था और हत्या के बाद मृतिका के तमाम जेवरात और कागजात अपने साथ ले गया।
आपको बता दे कि अभियुक्त ऋषभ तिवारी उर्फ ‘इमरान’ अपनी पत्नी दीक्षा और स्वेता शर्मा व उसका अलमास 14 अगस्त 2021 को नैनीताल घूमने पहुंचे। उन्होंने, शाम को मल्लीताल के एक होटल में दो कमरे लिए। 15 अगस्त 2021 की रात्रि ऋषभ उर्फ इमरान व दीक्षा की जन्म दिन की in पार्टी की गयी। पार्टी के बाद श्वेता व अलमास अपने कमरे में सोने चले गये , रात्रि में ऋषभ उर्फ इमरान द्वारा अपने साथ रहने वाली दीक्षा मिश्रा की हत्या कर रात्रि में ही होटल से भाग गया था।
सुशील शर्मा, शासकीय अधिवक्ता जिला न्यायालय
बीना मिश्रा, मृतक की माँ
Reported By: Praveen Bhardwaj












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