एसआरएचयू स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में ‘इंडियन डिफेंस कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया, जिसमें रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने उभरती रक्षा तकनीकों, राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों और अकादमिक-रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
कॉन्क्लेव का आयोजन जौलीग्रांट स्थित आदि कैलाश सभागार में किया गया, जहां कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ। इस अवसर पर एसएसटी के डीन डॉ. प्रमोद कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अकादमिक संस्थानों और रक्षा क्षेत्र के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप शोध और नवाचार में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार ने डीआरडीओ के अंतर्गत एयरोनॉटिकल रिसर्च और रक्षा नवाचार में हो रही प्रगति पर प्रकाश डाला। वहीं कर्नल मयंक चौबे ने रक्षा सेवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और रणनीतिक सोच के महत्व को रेखांकित किया और छात्रों को करियर अवसरों की जानकारी दी।

इसके अतिरिक्त कुमार सुब्रमण्यम चितंबरम अय्यर ने नौसेना की आधुनिक रक्षा प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. सूर्यनारायण विक्रांत कर्रा ने रक्षा इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस में उन्नत मटेरियल्स की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. वैभव गुप्ता ने रक्षा प्रणालियों में ऑप्टिकल और सेंसिंग तकनीकों के उपयोग पर प्रस्तुति दी।
कॉन्क्लेव के दौरान छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. नील मणि द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
Reported By: Arun Sharma














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