आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर जमीयत उलेमा जिला देहरादून ने मुस्लिम समाज से कानून, शरई हिदायतों और सामाजिक सौहार्द का पालन करते हुए कुर्बानी करने की अपील की है। संगठन ने उत्तराखंड से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के लिए प्रदेशव्यापी मुहिम चलाने का भी ऐलान किया है।
गुरुवार को आज़ाद कॉलोनी स्थित मदरसा दार-ए-अरकम में आयोजित बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि कुर्बानी इस्लाम का एक अहम इबादती अमल है, जिसका उद्देश्य केवल अल्लाह की रज़ा हासिल करना है, न कि दिखावा या प्रदर्शन।
संगठन ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो। जमीयत उलेमा ने स्पष्ट कहा कि कुर्बानी केवल निर्धारित और वैध स्थानों पर ही की जाए तथा सड़क, गली, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी करने से बचा जाए।
साथ ही प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई। संगठन ने लोगों से कुर्बानी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करने को कहा और इसे अनावश्यक विवाद व गलतफहमियों का कारण बताया।
बैठक में स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। कहा गया कि कुर्बानी के बाद खून, अवशेष और गंदगी को तुरंत साफ किया जाए। सार्वजनिक स्थानों, नालियों और सड़कों पर गंदगी फैलाना कानूनन गलत होने के साथ-साथ इस्लाम की शिक्षाओं के भी खिलाफ है।
जमीयत उलेमा ने लोगों से अफवाहों, भड़काऊ बातों और उकसावे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी जाए। मस्जिदों के इमामों और खतीबों से भी नमाज के दौरान अमन, भाईचारे और जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार का संदेश देने को कहा गया है।
मास्टर अब्दुल सत्तार, कोषाध्यक्ष, जमीयत उलेमा देहरादून।
Reported By: Arun Sharma












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