10वें देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में श्री रामानंद भट्ट निर्देशित और शोभा भट्ट निर्मित फिल्म “जिगर का टुकड़ा” का प्रदर्शन सेंट्रो मॉल, देहरादून में किया गया। यह शॉर्ट फिल्म “अंगदान महादान” की अवधारणा पर आधारित है और जनमानस को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास करती है।
फिल्म में पिथौरागढ़ के डा. अशोक पंत की जीवन-गाथा दिखाई गई है, जिनकी भयानक लीवर बीमारी के इलाज के लिए 35 लाख रुपये और लीवर डोनर की व्यवस्था करनी पड़ी। उनके बेटे शिवाशीष पंत ने अपने पिता को लीवर दान देकर जीवन रक्षक भूमिका निभाई। फिल्म में परिवार, चिकित्सकों और समाज के योगदान को भावनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इस फिल्म का विशेष शो दिल्ली में लीवर डे पर आयोजित किया गया, जिसमें राज्यसभा सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। केरला स्टोरी के डायरेक्टर सुदिप्तो सेन ने रामानंद भट्ट को पीवीआर में स्मृति चिह्न देकर फिल्म को सम्मानित किया।
फिल्म का उद्देश्य अंगदान के संदेश को व्यापक जनमानस तक पहुँचाना और लोगों को जीवनदान देने के लिए प्रेरित करना है।
Reported By: Arun Sharma












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