उत्तराखंड कांग्रेस ने संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए पिथौरागढ़ के तीन नेताओं को प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने तीनों पर अनुशासनहीनता और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार है।
राजेंद्र भंडारी ने कहा कि यदि कोई नेता प्रदेश अध्यक्ष के मंच से ही अनुशासनहीनता करता है, तो ऐसी स्थिति में अलग से अनुशासन समिति की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे मामलों में प्रदेश अध्यक्ष सीधे कार्रवाई कर सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन को मजबूत, अनुशासित और प्रभावी बनाने के लिए अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाया जाएगा। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी नेता या कार्यकर्ता के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि संगठन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने इस कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम बताया है।
राजेंद्र भंडारी, प्रदेश संगठन मंत्री, कांग्रेस
Reported By: Shiv Narayan












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