मंदिरों में चढ़ावे की चोरी और दुरुपयोग के सामने आए मामलों के बाद हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाया है। ट्रस्ट ने मंदिर के सभी पुजारियों और कर्मचारियों को सुचिता एवं ईमानदारी बनाए रखने की शपथ दिलाई। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि कोई भी पुजारी या कर्मचारी चढ़ावे का निजी उपयोग करते हुए पकड़ा गया तो उसे तत्काल सेवा से निष्कासित करने के साथ उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सभी पुजारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास बनाए रखना मंदिर प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चढ़ावा पूरी तरह मंदिर की संपत्ति है और उसका उपयोग केवल मंदिर एवं धार्मिक कार्यों के लिए ही किया जाएगा।
महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि व्यवस्था की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति मंदिर में चढ़ावे और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
इस दौरान महंत रविंद्र पुरी ने हाल ही में गठित अखाड़ा परिषद की दूसरी कार्यकारिणी को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष चुने गए हैं और उनके साथ बहुमत है। उनका दावा है कि कुंभ मेला-2027 का संचालन और नेतृत्व उनकी अगुवाई में ही किया जाएगा।
महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मंदिर ट्रस्ट ने यह पहल की है, ताकि भविष्य में चढ़ावे के दुरुपयोग जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
महंत रविंद्र पुरी, अध्यक्ष, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट
महंत रविंद्र पुरी, अध्यक्ष, अखाड़ा परिषद (निरंजनी गुट)
Reported By: Praveen Bhardwaj











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