हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) और हिमालया वेलनेस कंपनी, बेंगलुरु के बीच औषधीय व सुगंधित पौधों की व्यावसायिक खेती और अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत हैप्रेक अपनी नर्सरी में दारूहल्दी के औषधीय पौधों का विकास करेगा। हैप्रेक निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने बताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के संवर्धन के साथ स्थानीय समुदायों के आजीविका सृजन में सहायक होगी। इससे पहाड़ी किसानों को वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से जोड़ा जाएगा और जंगली प्रजातियों पर दबाव कम होगा।
एमओयू के अंतर्गत हिमालया कंपनी हैप्रेक के स्नातकोत्तर छात्रों को औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और शोध परियोजनाओं के अवसर उपलब्ध कराएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुदीप सेमवाल ने कहा कि यह तीन-वर्षीय साझेदारी औषधीय पौधों के संरक्षण, अनुसंधान और व्यावसायिक उपयोग को नई दिशा देगी तथा उत्तराखंड में पर्यावरणीय स्थिरता और हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी।
Reported By: Arun Sharma












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