जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ योगा साइंसेज में Indian Council of Philosophical Research के तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। देशभर से आए विद्वानों और शोधकर्ताओं ने योग के चिकित्सीय (थेराप्यूटिक) एवं दार्शनिक आयामों पर गहन विमर्श किया।
नागार्जुन सभागार में आयोजित उद्घाटन सत्र में प्राचार्य डॉ. रुद्र भंडारी ने आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न रोगों के समाधान में योग की निवारक और उपचारात्मक भूमिका को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता एवं Sri Sri University के पूर्व कुलपति डॉ. बी.आर. शर्मा ने ‘नादनुसंधान’ के गूढ़ आयामों पर प्रकाश डालते हुए इसे आंतरिक चेतना से जुड़ने का प्रभावी माध्यम बताया।
Ministry of AYUSH के अनुसंधान अधिकारी डॉ. राम नारायण मिश्रा ने पतंजलि योगसूत्र के संदर्भ में प्राणायाम, धारणा और ध्यान की महत्ता स्पष्ट की। वहीं Bharat Heavy Electricals Limited (बीएचईएल) के पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. बलवीर तलवार और Uttarakhand Sanskrit University के डॉ. कामाख्या कुमार ने योग चिकित्सा और प्राण-मन के पारस्परिक संबंधों पर विचार साझा किए।
Reported By: Arun Sharma












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