खबर उत्तरकाशी के कोटियाल गांव की है । जहां आवारा पशुओं द्वारा खेत को बार बार नुकसान पहुंचा रहे 27 भैंसों को पकड़ कर स्कूल के कमरों मै गांव के प्रधान और गांव वालों ने बंद कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार कई दिनों से पड़ोस के दो तीन गांव के आवारा पालतू भैंस, गाय और बैलों ने आतंक मचाया हुआ था। कई बार पास के गांव पलेठा, खांसी, दूणी, विनाई आदि के ग्रामीणों पशु मालिकों को चेतावनी देने के बाद भी अपने पशुओं को अपनी देख-रेख में लेने की बजाय कोटियाल गांव की जमीन, खेतों में खुला छोड़ा जा रहा था,
जिससे मलापा डांडा के तमाम खेत, बागीचों में फसल के साथ ही गांव की घास को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। तब गांव के प्रधान के साथ ही नवयुवक मंगल दल के सदस्यों ने इनमें से करीब 27 भैंसों को मलापा नामा तोक से लाकर कोटियाल गांव की खाली स्कूल में बंद कर दिया है। साथ ही जुर्माना देने के बाद ही सभी पशुओं को छोड़ा जाने की बात सभी ने कही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पड़ोस के कई गांवों के पालतू पशुओं के साथ कोई चरवाहा भी नहीं रहता, जिससे यह जहां-तहां खेतीबाड़ी और गांव के तमाम ग्रामीणों के घास और फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे।
ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर फिर से इस तरह पशुओं को छोड़ा गया तो आगे और सख्त कदम उठाया जाएगा। बिना जुर्माना के किसी भी पशु को नहीं छोड़ा जाएगा, जबकि पड़ोसी गांव वाले तमाम तरह के दबाव बना रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपने फैसले पर अडिग हैं और पशुओं को बिना जुर्माना/दंड के नहीं छोड़ने की बात पर अडिग है।
बता दें कि पहले भी आसपास के इन्हीं ग्रामीणों के आवारा पशुओं द्वारा गांव की तमाम खेती के साथ-साथ अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचाया जा चुका है।
देखे वीडियो:
मनोहर डोबाल, ग्रामवासी
राहुल नौटियाल, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, कोटियाल गांव
बृजमोहन बिजल्वाण , कोटियाल गांव
Reported By: Gopal Nautiyal












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