उत्तराखंड के मूल निवासियों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत जून माह तक प्रदेश में 210 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 3500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 250 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य दिया है। योजना के फेज-2 को मिली सफलता के बाद अब इसके विस्तार की तैयारी की जा रही है।
ऊर्जा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का फेज-2 बेहद सफल रहा है। योजना के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि और मांग को देखते हुए इसके विस्तार का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। वित्त विभाग फिलहाल प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है। इसके बाद प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और मंजूरी मिलने पर योजना का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के अगले चरण में अतिरिक्त 100 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा जाएगा। इसके साथ ही जिलावार लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के सभी जिलों के लोगों को समान रूप से सौर स्वरोजगार योजना का लाभ मिल सके।
सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को जोड़ने से रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ राज्य की हरित ऊर्जा क्षमता भी मजबूत होगी। योजना के विस्तार से आने वाले समय में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने और सौर ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मीनाक्षी सुंदरम, सचिव , ऊर्जा विभाग
Reported By: Praveen Bhardwaj












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