पौड़ी जिले के कोट ब्लॉक की सितोनस्यूं पट्टी में रविवार को वार्षिक मनसार मेला धूमधाम से आयोजित हुआ। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देवल गांव स्थित लक्ष्मण मंदिर से ध्वज-निसाणों के साथ ढोल-दमाऊं की धुन पर श्रद्धालु फलस्वाड़ी गांव पहुँचे, जहाँ सीतामाता के शिलारूपी दर्शन किए गए।
मंदिर समिति के प्रदीप भट्ट ने बताया कि मान्यता है कि भगवान राम ने सीतामाता को जंगल भेजते समय लक्ष्मण ने उन्हें फलस्वाड़ी गांव में छोड़ा था, और सीतामाता यहाँ धरती में समा गई थीं।
मेला स्थल पर उपस्थित पूर्व विधायक मुकेश कोली ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में सीता माता सर्किट के बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी, जिसमें रघुनाथ मंदिर, विदाकोटी में सीता माता मंदिर, सीतासैंण में शिव मंदिर, मुछियाली और देवल गांव में लक्ष्मण मंदिर शामिल हैं। कोविड और नेतृत्व परिवर्तन के कारण प्रोजेक्ट की गति धीमी हो गई थी।
मुकेश कोली ने उम्मीद जताई कि धामी सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाकर सीता माता सर्किट को विकसित करेगी और मुख्यमंत्री की घोषणा को पूरा करेगी।
मुकेश कोहली पूर्व विधायक पौड़ी
मयूर भट्ट स्थानीय निवासी
गरिमा स्थानीय निवासी
स्थानी महिला
Reported By: Praveen Bhardwaj












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