
अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़ी अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड में सियासत तेज हो गई है। रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं और वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि दोनों मामलों की प्रक्रिया अलग-अलग है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने कहा कि विपक्ष को देवभूमि का सौहार्द बनाए रखना चाहिए और बेवजह मुद्दे नहीं उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि अंकिता भंडारी मामले का पर्दाफाश हो और इस मामले में सच्चाई सामने आए।
पाठक के अनुसार, दीपिका राठौड़ की शिकायत पर उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों से जुड़े मामले की कार्रवाई तथा नार्को टेस्ट की प्रक्रिया अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि जब अदालत नार्को टेस्ट के लिए कहेगी, तब उर्मिला सनावर को पूरी सुरक्षा के साथ ले जाया जाएगा।
उर्मिला सनावर को सहारनपुर से हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किए जाने और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, उनकी गिरफ्तारी के समय को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह कार्रवाई अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने या उसे बचाने के लिए की गई है।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानून के तहत कार्रवाई हो रही है। पार्टी का कहना है कि अंकिता भंडारी मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोनों मामलों को अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत देखा जाना चाहिए।
हनी पाठक, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा।
Reported By: Crime Patrol













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