केंद्र सरकार ने लंबे समय बाद श्रम कानूनों पर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें संगठित क्षेत्र के कर्मकारों के साथ असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों के न्यूनतम वेतन संबंधी बदलाव भी किए गए हैं। वहीं श्रम कानूनों में बदलाव को उत्तराखंड सरकार ने भी श्रमिक हितों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। भाजपा विधायक विनोद चमोली ने श्रम कानूनों को श्रमिक वर्ग के हितों के दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जहां एक ओर श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में सुधार किया गया है वहीं उनके जॉब सिक्योरिटी पर भी ध्यान दिया गया है। वहीं विपक्ष ने श्रम कानूनों को श्रमिक वर्ग की उपेक्षा बताया है। कांग्रेस पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने इसे लेकर कहा कि श्रम कानूनों में श्रमिक वर्गों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं दी गई है, आज श्रम न्यायालयों में कई मामले वर्षों से लंबित पड़े हुए हैं। साथ ही उन्हें उपनल कर्मियों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार किस मुंह से यह कह रही है जबकि उपनल कर्मी खुद ही लंबे समय से सामन कार्य समान वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।
Reported BY : Praveen Bhardwaj












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