ऋषिकेश में संचालन से पहले ही इलेक्ट्रिक बसों का विरोध दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। आज उत्तराखंड विक्रम ऑटो रिक्शा और ई आटो रिक्शा महासंघ ने 24 जनवरी को शहर में साड़े छह हजार वाहनों के साथ विरोध रैली निकालने की घोषणा की है। रैली के बाद सभी वाहन नगर निगम परिसर में खड़े कर चाबी महापौर के हवाले करने का भी निर्णय लिया है।इस संबंध में महासंघ के पदाधिकारियों ने एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रदेश अध्यक्ष विनय सारस्वत ने बताया कि शहर में करीब 1800 टेंपो 3000 आटो और 1500 ई रिक्शा है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में ट्रैफिक जाम और सड़कों पर दबाव बढ़ेगा। टेंपो ऑटो और ई रिक्शा से जुड़े मालिकों और चालकों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा होगा। इसलिए शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी की ओर से फरवरी में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग वह लगातार कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए मजबूरी में उन्हें अब आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष का साफ कहना है की रोजी-रोटी से जुड़े इस आंदोलन को मांग पूरी नहीं होने तक चलाया जाएगा। उनके इस आंदोलन में शहर के व्यापारिक और सामाजिक संगठन भी समर्थन में है। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने विक्रम ऑटो ई रिक्शा महासंघ की मांगों को जायज ठहराते हुए जनहित में सरकार से इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है।
सुधीर राय ,परिवहन महासंघ अध्यक्ष
Reported By: Rajesh Kumar












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