भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने सदन में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों, दिल्ली–देहरादून बारहमासी सड़क परियोजना, क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने सड़क निर्माण में मानकों के पालन, आपदा में क्षतिग्रस्त पुलों की स्थिति और ग्रामीण संपर्कता को लेकर सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने उत्तर में बताया कि दिल्ली–देहरादून पहुंच नियंत्रित राजमार्ग समेत उत्तराखंड के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्य अप्रैल 2028 तक पूरे करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा गुणवत्ता नियंत्रण के लिए स्वतंत्र इंजीनियर और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और भू-खतरों से निपटने के लिए विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों पर दीर्घकालिक सुधारात्मक उपाय लागू किए जा रहे हैं और सुरंग व सड़क परियोजनाओं के लिए विभिन्न तकनीकी संस्थानों के साथ समझौते किए गए हैं।
क्षतिग्रस्त पुलों के संबंध में मंत्री ने बताया कि देहरादून–पांवटा साहिब मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बाईपास का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, जबकि देहरादून–हरिद्वार मार्ग पर नया जाखन पुल जून 2027 तक पूरा होगा। देहरादून–मसूरी मार्ग पर आर्य ब्रिज के स्थान पर नया पुल जून 2026 तक तैयार किया जाएगा, वहीं देहरादून–सहारनपुर मार्ग पर पुलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्तराखंड में 1864 पात्र बस्तियों को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 1860 बस्तियों को बारहमासी सड़क संपर्कता प्रदान की जा चुकी है। सरकार ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
Reported By: Arun Sharma












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