
रायपुर विधायक प्रकरण में अब तक स्वयं विधायक की ओर से कोई स्पष्ट वीडियो माफीनामा या सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आगे आकर सफाई दी है और मुद्दे को तूल न देने की अपील की है। सवाल यह है कि क्या सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के बयान से मामला खत्म मान लिया जाएगा? जिस घटना ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, उस पर मुख्य पात्र की चुप्पी क्या संकेत देती है? विधायक उमेश काऊ की ओर से खेद जताने की बात कही जा रही है, लेकिन उसका सार्वजनिक प्रमाण अब तक सामने नहीं आया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही अब पार्टी नेतृत्व के बयानों तक सीमित रह जाएगी? अगर कोई विवादित घटना होती है तो क्या संबंधित विधायक स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे या फिर संगठनात्मक ढाल के पीछे खड़े रहेंगे? एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मामला केवल अपील और बयानबाज़ी तक सिमटता दिख रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है क्या कानून और नैतिक जिम्मेदारी दोनों समान रूप से लागू होंगे, या फिर राजनीतिक संरक्षण की परंपरा जारी रहेगी ?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट
Reported By: Arun Sharma













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