रुड़की: रुड़की न्यायालय परिसर से सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। चेक बाउंस के एक मामले में जैसे ही अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, वह पुलिस और कोर्ट कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंककर रफ्फूचक्कर हो गया। इस घटना के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
पिरान कलियर थाना क्षेत्र के रहमतपुर निवासी नीरज गोस्वामी के खिलाफ चेक बाउंस (NI Act) का मामला चल रहा था। शुक्रवार को नीरज रामनगर स्थित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के लिए आया था।
सजा का ऐलान: सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने नीरज को दोषी पाते हुए दो वर्ष की सजा सुनाई।
कैसे भागा आरोपी: बताया जा रहा है कि सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट मोहर्रिर जैसे ही अभियुक्त को लेकर कोर्ट रूम से बाहर आया, नीरज ने भीड़ का फायदा उठाया और चकमा देकर परिसर से भाग निकला।
शाम 6 बजे मचा शोर, टीमें सक्रिय
शाम करीब 6 बजे जब एक महिला कांस्टेबल ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि वारंटी फरार हो गया है, तब जाकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूले। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और अभियुक्त का पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
एसपी देहात की सख्त चेतावनी
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि दोषी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं।
“कोर्ट से एक दोषी के फरार होने की सूचना मिलते ही टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। नीरज के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही की भी गहनता से जांच की जा रही है।” – शेखर चंद्र सुयाल, एसपी देहात
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
न्यायालय परिसर जैसे अति-सुरक्षित स्थान से एक दोषी का फरार होना पुलिस की मुस्तैदी पर बड़ा सवालिया निशान है। स्थानीय लोगों और वकीलों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सजा मिलने के तुरंत बाद आरोपी को पर्याप्त सुरक्षा में क्यों नहीं रखा गया? फिलहाल, पुलिस की टीमें पूरी रात दबिश देती रहीं, लेकिन आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर है।
Reported By: Rajesh Kumar














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