रुड़की के लंढौरा क्षेत्र के ग्राम रनसुरा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेत में पॉपुलर के एक ऊंचे पेड़ पर जिंदा गुलदार उल्टा लटका मिला। गुलदार का एक पैर टहनी में फंस गया था, जिससे वह करीब पांच से छह घंटे तक उसी हालत में लटका रहा। उसकी छटपटाहट और नीचे जमा भीड़ की हलचल ने पूरे गांव में दहशत का माहौल बना दिया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को अवगत कराया, लेकिन आरोप है कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने में काफी देरी हुई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। इसी दौरान गुलदार को नजदीक से देखने की होड़ में कुछ लोग मौके पर जुटते रहे, जिससे रेस्क्यू कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहा।
काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को बेहोशी का इंजेक्शन दिया, पेड़ काटकर उसे सुरक्षित नीचे उतारा और पिंजरे में बंद कर रेस्क्यू किया। इसके बाद गुलदार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि पिंजरे में बंद गुलदार को ले जाती वन विभाग की गाड़ी के पीछे सैकड़ों ग्रामीण गांव से बाहर तक चलते रहे।
हालांकि गुलदार पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन यह घटना वन्यजीव रेस्क्यू में देरी, भीड़ की लापरवाही और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी स्पष्ट करती है कि वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार बेहद जरूरी है, क्योंकि जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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