ऋषिकेश के निकट गंगा भोगपुर कोड़िया में वन गुर्जर समुदाय का पारंपरिक सेला पर्व उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में वन गुर्जरों की जंगल से जुड़ी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली, जिसने लोगों को आकर्षित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर ने पारंपरिक तरीके से नारियल की रस्सी खोलकर शुभारंभ किया। उन्होंने गुर्जरों के जीवन, उनकी आजीविका और परंपराओं को नजदीक से समझा तथा उनके द्वारा तैयार खाद्य उत्पादों और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का निरीक्षण कर सराहना की।
डॉ. शंकर ने कहा कि सरकार वन गुर्जरों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रयासरत है। बैंक ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
सम्मेलन में हरिद्वार जिले के गेंड़ीखाता और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे वन गुर्जरों ने एससी दर्जा देने की मांग उठाई। कार्यक्रम में आगंतुकों को जंगल के शुद्ध शहद और भैंस के घी की खरीद का भी अवसर मिल रहा है।
डॉ उदय शंकर, पशुपालन विभाग डायरेक्टर
मोहम्मद मीर हमजा, संस्थापक अध्यक्ष वन गुज्जर ट्राइबल युवा संगठन
मीना पाठक, सदस्य कल्पवृक्ष संस्था
Reported By: Praveen Bhardwaj












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