देहरादून में आयोजित सिल्क एक्स्पो 2025 का उद्घाटन कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने किया। यह आयोजन सिल्क मार्क ऑर्गेनाइजेशन, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, रेशम निदेशालय उत्तराखण्ड और उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
मंत्री ने एक्स्पो में लगे स्टालों का अवलोकन किया और सेलाकुई के पॉवरलूम द्वारा तैयार की गई साड़ियों पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की। इस प्रदर्शनी में देश के 12 राज्यों के 26 से अधिक प्रतिभागियों ने उच्च गुणवत्ता वाले रेशमी वस्त्र और बुनाई की विविध विधाएं प्रदर्शित कीं।
मुख्य बातें:
उत्तराखण्ड का शहतूती रेशम राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम माना जाता है, जिसे “Bowl of Bivoltine Silk” कहा जाता है।
प्रदेश में लगभग 7,500 कीटपालक परिवार 312.02 मी.टन शहतूती रेशम का उत्पादन कर रहे हैं।
रेशम फेडरेशन ने परंपरागत बुनकरों को प्रशिक्षण और तीन पावरलूम स्थापित कर गुणवत्तायुक्त वस्त्र उत्पादन सुनिश्चित किया।
“दून सिल्क ब्रांड” अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है; पिछले वर्ष 5 करोड़ मूल्य के वस्त्रों का उत्पादन और 1 करोड़ का लाभ।
फैशन शो “रिवायत-ए-रेशम-2” के माध्यम से छात्राओं की प्रतिभा प्रदर्शित और ब्रांड का प्रचार संभव हुआ।
रेशम कीट पालन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों को मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
सिल्क एक्स्पो 2025 प्रदेश के रेशम उद्योग को बढ़ावा देने और युवाओं व उद्यमियों को अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
Reported By: Arun Sharma












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