अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन समारोह में ले. जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह महोत्सव केवल समापन नहीं, बल्कि पूरी मानवता को अध्यात्म और शांति का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि भारत की सत्य सनातन परंपरा, योग और आयुर्वेद विश्व को शांति और संतुलन का मार्ग दिखा रहे हैं, और शक्ति के साथ ही शांति कायम रखी जा सकती है।
उन्होंने उत्तराखण्ड को ऋषि-मुनियों की भूमि बताते हुए कहा कि यहाँ से योग का संदेश पूरी दुनिया में फैल रहा है। इस अवसर पर स्वामी अवधेशानन्द गिरी ने भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक गहराई पर प्रकाश डाला और कहा कि आज विश्व के अनेक देश योग से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में सुबोध उनियाल ने योग को ऊर्जा का स्रोत बताते हुए इसकी वैश्विक महत्ता पर जोर दिया। महोत्सव में देश-विदेश के हजारों योग साधकों ने भाग लिया, जहाँ योग, प्राणायाम, ध्यान और आयुर्वेद का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन पर प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महोत्सव ने “योगमय जीवन” का संदेश सफलतापूर्वक दिया।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post