भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है, लेकिन पार्टी के भीतर की कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। बद्री-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की नाराजगी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसे लेकर विपक्ष को भी हमला करने का मौका मिल गया है।

चाहे रामशरण नौटियाल हों, अजेंद्र अजय हों, अरविंद पांडेय हों, दिलीप रावत हों, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत हों या अनिल बलूनी हों, इन सभी के बयान यह साबित कर रहे हैं कि भाजपा कई गुटों में बंटी हुई है। जिस तरह से भाजपा के विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेरने का काम किया है, उससे साफ है कि पार्टी के भीतर भारी असंतोष और गुटबाजी चल रही है।
हरक सिंह रावत, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष
ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा के लिए अंदरूनी एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती बनती जा रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लगातार भुनाने में जुटा हुआ है।
Reported By: Arun sharma










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