राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द कर दिया गया। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि सरकार ने विपक्ष और युवाओं के दबाव के सामने परीक्षा रद्द कर अपनी कमजोरी नहीं दिखाने की कोशिश की। उन्होंने आलोचना की कि मुख्यमंत्री ने पेपर लीक को लेकर पहले इसे “नकल जिहाद” करार दिया था और निर्णय में देरी हुई।
गरिमा मेहरा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस
वहीं, भाजपा संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस निर्णय को युवाओं के हित में स्वागत योग्य करार दिया। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी हमेशा युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं और उनके कार्यकाल में पारदर्शिता के साथ 25,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बेरोजगार युवाओं को प्रदान की गई हैं। भाजपा का मानना है कि यह निर्णय उनकी सोच और संकल्प का प्रतीक है।
मनवीर चौहान प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा
Reported By: Arun Sharma














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