भराड़ीसैंण गैरसैंण स्थित उत्तराखंड विधानसभा भवन अब लोकतांत्रिक गतिविधियों के साथ-साथ राज्य की लोककला और संस्कृति का जीवंत केंद्र बन रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की पहल पर परिसर में नंदा राजजात, छोलिया नृत्य, रम्माण उत्सव, ऐपन कला और पारंपरिक मुखौटों पर आधारित कलाकृतियाँ स्थापित की गई हैं।
स्थानीय कलाकारों द्वारा निर्मित इन कृतियों से उन्हें पहचान और सम्मान मिला है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोककला और संस्कृति संरक्षण राज्य की पहचान को सशक्त करता है। यह पहल उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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