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देहरादून: स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ योगा साइंसेज द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन योग और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर गहन मंथन हुआ। देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और योगाचार्यों ने योग को वैज्ञानिक आधार पर स्थापित करने की दिशा में अपने विचार साझा किए।
आदि कैलाश सभागार में आयोजित प्रथम सत्र में मानसिक स्वास्थ्य, न्यूरोप्लास्टिसिटी और योग के प्रभाव जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। विशेषज्ञों ने योग को आधुनिक चिकित्सा प्रणाली का प्रभावी पूरक बताया। वहीं द्वितीय सत्र की पैनल चर्चा में योग के विभिन्न आयामों, चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
तृतीय सत्र में योग के उपचारात्मक प्रभावों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने इसे उपचार और पुनर्वास का प्रभावी माध्यम बताया। समापन समारोह में कुलपति ने योग को वैज्ञानिक जीवनशैली बताते हुए इसके वैश्विक प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि प्रति कुलपति ने योगिक विज्ञान में शोध के नए आयाम विकसित करने की बात कही।












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