उत्तराखंड के सभी राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में संविधान दिवस बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालयी, उच्च, संस्कृत, चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रातः 9:30 बजे एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। कार्यक्रम में अभिभावक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राज्य संयोजक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार प्रदेशभर में 20,12,652 प्रतिभागियों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत गाया। केवल विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत देहरादून में 3,75,658, हरिद्वार में 4,13,015, नैनीताल में 1,94,979, ऊधमसिंह नगर में 3,61,411 तथा अन्य जिलों में हजारों छात्रों-शिक्षकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में 19,790, तकनीकी शिक्षा में 50, संस्कृत शिक्षा में 4,644 और उच्च शिक्षा संस्थानों में 31,689 प्रतिभागियों ने राष्ट्रगीत गाकर इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बनाया।
राष्ट्रगीत के बाद शिक्षण संस्थानों में ‘वन्दे मातरम्’ और संविधान दिवस के इतिहास व महत्व पर शिक्षक एवं जनप्रतिनिधियों ने छात्रों को अवगत कराया। कार्यक्रम की सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा सभी विभागों को विशेष निर्देश जारी किए गए थे।
‘वन्दे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सभी भारतीयों को एक सूत्र में पिरोने वाला प्रेरक गीत रहा है। संविधान दिवस पर प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में इस गीत के सामूहिक गायन से हमारे युवाओं में राष्ट्रभक्ति, एकता, कर्तव्यबोध और संवैधानिक आदर्शों के प्रति नई चेतना का संचार हुआ।– डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड।
Reported By: Arun Sharma














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