ज्योतिर्मठ। विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार है। अगस्त माह के पीक सीजन में घाटी में रंग-बिरंगे अल्पाइन पुष्पों की अनुपम छटा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यूरोपीय देशों के साथ ही जापान, थाईलैंड और कोरिया सहित विभिन्न एशियाई देशों से बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी यहां पहुंच रहे हैं।
अगस्त के तीसरे सप्ताह में फूलों की घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर है। रिवर व्यू प्वाइंट तक गुलाबी हिमालयी बालसम और बड़े-बड़े पुष्प समूह पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। वहीं नीले कैंपान्यूला, जिरेनियम, पीले कॉरिडेल्स और साइलिन ऑर्किड जैसे फूल घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। फूलों की खुशबू और चारों ओर बिखरे प्राकृतिक रंग पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे पर्यटक
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ के उप वन संरक्षक यश ढोबले के मुताबिक, इस वर्ष फूलों की घाटी में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। एक जून को पर्यटकों के लिए खोली गई घाटी में अब तक करीब 22 हजार सैलानी पहुंच चुके हैं। यह संख्या वर्ष 2025 की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक है। अभी पर्यटकों के पास घाटी का दीदार करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय है, ऐसे में यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
वन विभाग के प्रयासों का दिख रहा असर
उप वन संरक्षक ने बताया कि वन विभाग की ओर से घाटी में कई महत्वपूर्ण हस्तक्षेप और व्यवस्थागत सुधार किए गए हैं। इन प्रयासों का असर घाटी में साफ नजर आ रहा है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच प्राकृतिक पर्यावरण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने पर भी विभाग लगातार ध्यान दे रहा है।
31 अक्टूबर तक खुली रहेगी घाटी
फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान हर वर्ष 1 जून को पर्यटकों के लिए खोला जाता है और 31 अक्टूबर को बंद कर दिया जाता है। शीतकाल में पूरा क्षेत्र बर्फ की चादर से ढक जाता है। यह क्षेत्र पुष्प जैव विविधता के साथ-साथ दुर्लभ वन्यजीवों का भी महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। प्राकृतिक रंगों से सजे अल्पाइन फूल और दुर्लभ वन्यजीव फूलों की घाटी को देश-दुनिया के प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनाते हैं।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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