
उत्तराखंड का एक और वीर सपूत देश की सेवा करते हुए शहीद हो गया। घनसाली क्षेत्र के मेन्डू सिंदवाल गांव निवासी 21 वर्षीय अग्निवीर जवान रोहित रावत के बलिदान से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
रोहित रावत एक वर्ष पूर्व ही भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गढ़वाल राइफल्स में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। देश सेवा का सपना लेकर सेना में शामिल हुए रोहित ने कम उम्र में ही राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
बीते दिन शाम को उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके पैतृक गांव मेन्डू सिंदवाल पहुंचा। अपने लाल को अंतिम बार देखने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। तिरंगे में लिपटे बेटे को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव का माहौल गमगीन हो उठा।
ग्रामीणों ने शहीद रोहित को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे को खोने का गहरा दुख है, लेकिन इस बात का गर्व भी है कि रोहित ने देश सेवा का मार्ग चुना और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद रोहित रावत के सम्मान में क्षेत्र के लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार पैतृक घाट पर किया जाएगा। इस दौरान सेना के अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहेंगे।
रोहित रावत का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनका नाम क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। देश के लिए उनका यह सर्वोच्च त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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